एक भारत श्रेष्ठ भारत

जोड़ी राज्य : अरुणांचल प्रदेश
“एक भारत श्रेष्ठ भारत” (Ek Bharat Shreshth Bharat) भारत सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों के बीच आपसी समझ और आपसी संबंधों को मजबूत करना है। इस पहल के तहत विभिन्न गतिविधियाँ और कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो देश की सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देते हैं और राष्ट्रीय एकता को सशक्त बनाते हैं।
इस कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- राष्ट्रीय एकता को प्रोत्साहन: विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों के लोगों को एक दूसरे की संस्कृति, परंपराओं, और रीति-रिवाजों के बारे में जानने और समझने का मौका देना।
- संस्कृति का आदान-प्रदान: सांस्कृतिक कार्यक्रमों, शिक्षा, पर्यटन, और अन्य गतिविधियों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृति का प्रचार और प्रसार।
- भाषाई और सांस्कृतिक विविधता का सम्मान: भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को सराहना और उसका सम्मान करना।
- साझी परियोजनाएँ: विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों के बीच साझी परियोजनाओं को बढ़ावा देना जिससे आपसी सहयोग और विकास हो सके|
प्रमुख गतिविधियाँ और कार्यक्रम
- राज्य जोड़ीकरण: राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक निश्चित अवधि के लिए जोड़ा जाता है, जिसके दौरान वे एक-दूसरे की संस्कृति, भाषा, खान-पान और विरासत के बारे में जानने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करते हैं।
- सांस्कृतिक कार्यक्रम: जोड़े गए राज्यों की सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करने के लिए लोकनृत्य प्रदर्शन, संगीत कार्यक्रम और कला प्रदर्शनियों जैसे कार्यक्रमों का आयोजन।
- छात्र विनिमय कार्यक्रम: छात्रों के लिए शैक्षिक यात्राओं और विनिमय कार्यक्रमों की सुविधा, जिससे वे जोड़े गए राज्यों में जाकर अध्ययन कर सकें।
- पर्यटन संवर्धन: जोड़े गए राज्यों के पर्यटन स्थलों और धरोहर स्थलों को बढ़ावा देकर पर्यटन को प्रोत्साहित करना।
- भाषा अधिगम: कक्षाओं, कार्यशालाओं और इंटरैक्टिव सत्रों के माध्यम से जोड़े गए राज्यों की भाषाओं को सीखने और बढ़ावा देने के लिए पहल।
राज्य जोड़ीकरण के उदाहरण:
- हरियाणा और तेलंगाना
- उत्तराखंड और कर्नाटक
- हिमाचल प्रदेश और केरल
- महाराष्ट्र और ओडिशा
- उत्तर प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश
“एक भारत श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न राज्यों को जोड़ा जाता है ताकि वे अपनी सांस्कृतिक, शैक्षणिक और आर्थिक अनुभवों को साझा कर सकें और देश में आपसी सद्भाव और समझ को बढ़ावा दे सकें।